कार और जीप
| गाड़ी की क़ीमत | टैक्स |
|---|---|
| ₹5 लाख तक | 13% |
| ₹5 लाख – ₹10 लाख | 14% |
| ₹10 लाख – ₹20 लाख | 17% |
| ₹20 लाख से ऊपर | 18% |
| इलेक्ट्रिक | ₹25 लाख से ऊपर 10% |
कर्नाटक में निजी गाड़ी पहली बार रजिस्टर होते वक़्त एक ही बार लाइफ़टाइम टैक्स लगता है, जो गाड़ी की क़ीमत के प्रतिशत के हिसाब से बनता है।
| गाड़ी की क़ीमत | टैक्स |
|---|---|
| ₹5 लाख तक | 13% |
| ₹5 लाख – ₹10 लाख | 14% |
| ₹10 लाख – ₹20 लाख | 17% |
| ₹20 लाख से ऊपर | 18% |
| इलेक्ट्रिक | ₹25 लाख से ऊपर 10% |
| गाड़ी की क़ीमत | टैक्स |
|---|---|
| ₹50,000 तक | 10% |
| ₹50,000 – ₹1 लाख | 12% |
| ₹1 लाख से ऊपर | 18% |
| इलेक्ट्रिक | 4% |
कल्याण उपकर (cess). दोपहिया पर ₹500 और कार पर ₹1,000 का एकमुश्त उपकर क़ानून में आ चुका है, पर वह किस तारीख़ से लागू होगा यह राज्य को अलग से अधिसूचित करना है — इसलिए ऊपर के आँकड़ों में यह नहीं जोड़ा गया।
ये रोड टैक्स से अलग हैं और ज़्यादातर केंद्र से तय होते हैं। इनके आँकड़े यहाँ इसलिए नहीं दिए कि हमने उन्हें अभी फ़ीस अधिसूचना से पढ़ा नहीं है — और अंदाज़े से गोल किया हुआ नंबर ही on-road अनुमान को ग़लत बनाता है।
यह गाड़ी की क़ीमत पर निर्भर करता है। कर्नाटक में ₹5 लाख तक की कार पर 13% से शुरू होकर सबसे ऊपर की श्रेणी में 18% तक जाता है। यह हर साल नहीं, सिर्फ़ पहली बार रजिस्ट्रेशन के वक़्त एक ही बार लगता है।
सिर्फ़ एक क़ीमत से ऊपर। कर्नाटक में ₹25 लाख से महँगी इलेक्ट्रिक कार पर 10% लगता है। उससे सस्ती गाड़ियों के लिए अनुसूची कुछ कहती ही नहीं — और उस चुप्पी का अंदाज़ा लगाने से बेहतर है यही कह देना।
बिलकुल नहीं। अनुसूची इनवॉइस की उस रक़म पर लगती है जिसमें GST और cess शामिल हैं, जो ब्रोशर वाली ex-showroom क़ीमत से ज़्यादा होती है। इसी फ़र्क़ की वजह से शोरूम वाले नंबर से लगाया अनुमान कम निकलता है।
अगर गाड़ी बारह महीने से ज़्यादा वहाँ रहती है तो कर्नाटक में दोबारा रजिस्ट्रेशन कराना होगा, यानी वहाँ का टैक्स देना होगा — पूरा नहीं, गाड़ी की उम्र के हिसाब से घटा हुआ। जिस राज्य से आए हैं वहाँ से बचे हुए हिस्से का रिफ़ंड माँगा जा सकता है, NOC और नए रजिस्ट्रेशन के सबूत के साथ।