किस ग़लती पर कितना चालान
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान की रक़म, कौन-सी धारा लगती है, दोबारा करने पर कितना लगेगा, और कहाँ सिर्फ़ जेब नहीं — लाइसेंस भी दाँव पर है।
अधिनियम के तहत केंद्रीय रक़म। जिन राज्यों की अपनी अधिसूचना हमारे पास है, उन्हें ऊपर से चुनिए।
26 ग़लतियाँ
जिनके लिए आमतौर पर रोका जाता है
- बिना हेलमेट चलानाधारा 194D₹1,0003 महीने लाइसेंस निलंबन
- एक से ज़्यादा सवारी बैठानाधारा 194C₹1,000
- सीट बेल्ट न लगानाधारा 194B₹1,000
- चलाते समय फ़ोन इस्तेमालधारा 184(c)₹5,000
दोबारा · ₹10,000
लाइसेंस निलंबित हो सकता है - शराब पीकर गाड़ी चलानाधारा 185₹10,000
दोबारा · ₹15,000
लाइसेंस निलंबन - तेज़ रफ़्तारधारा 183₹2,000
- लाल बत्ती पार करनाधारा 184(a)₹5,000
दोबारा · ₹10,000
- ग़लत दिशा में गाड़ी चलानाधारा 184(e)₹5,000
दोबारा · ₹10,000
- बिना लाइसेंस चलानाधारा 181₹5,000
- बिना बीमा चलानाधारा 196₹2,000
दोबारा · ₹4,000
- वैध PUC न होनाधारा 190(2)₹10,000
- बिना परमिट चलानाधारा 192A₹10,000
बाक़ी सब
- 14 साल से छोटे बच्चे को बिना सुरक्षा बिठानाधारा 194B(2)₹1,000
सीट बेल्ट या चाइल्ड सीट
- सड़क पर रेस लगानाधारा 189₹5,000
दोबारा · ₹10,000
लाइसेंस निलंबन - ख़तरनाक तरीक़े से चलानाधारा 184₹5,000
दोबारा · ₹10,000
लाइसेंस निलंबित हो सकता है - लाइसेंस निलंबित होते हुए चलानाधारा 182(1)₹10,000लाइसेंस पहले से निलंबित
- बिना रजिस्ट्रेशन या FC के गाड़ीधारा 192₹5,000
दोबारा · ₹10,000
- HSRP नंबर प्लेट न होनाधारा 192₹5,000
दोबारा · ₹1,000
- माल गाड़ी में ज़्यादा वज़नधारा 194(1)₹20,000
हर अतिरिक्त टन पर अलग दर
- तय आकार से बड़ा माल ले जानाधारा 194(1)A₹20,000
- ज़्यादा सवारी बैठानाधारा 194A₹200
दोबारा · ₹400
- असुरक्षित हालत में गाड़ीधारा 190(1)(a)₹1,500
- बेवजह या प्रतिबंधित हॉर्नधारा 194F(a)₹1,000
दोबारा · ₹2,000
- एम्बुलेंस को रास्ता न देनाधारा 194E₹10,000
- नाबालिग़ द्वारा अपराधधारा 199A₹25,000
अभिभावक या मालिक ज़िम्मेदार
रजिस्ट्रेशन 12 महीने के लिए रद्द - सामान्य अपराधधारा 177₹500
दोबारा · ₹1,500
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पता कैसे करें कि मेरा कोई चालान बाक़ी है?
परिवहन की e-challan साइट पर या अपने राज्य की ट्रैफ़िक पुलिस के पोर्टल पर — गाड़ी नंबर या लाइसेंस नंबर डालकर। कैमरे वाला चालान अक्सर वही होता है जिसका पता ही नहीं चलता: सड़क पर कोई कुछ नहीं थमाता, और नोटिस हफ़्तों बाद आता है या आता ही नहीं।
चालान कितने दिन में भरना होता है?
ज़्यादातर राज्यों में बिना भरा चालान लगभग 60 से 90 दिन बाद वर्चुअल कोर्ट में चला जाता है — उसके बाद वह भुगतान नहीं, मुक़दमा बन जाता है। यह अवधि हर राज्य में अलग है, इसलिए नोटिस पर लिखी तारीख़ ही असली मानिए।
चालान न भरें तो क्या होता है?
रक़म चुपचाप ख़त्म नहीं होती। बाक़ी चालान गाड़ी और लाइसेंस दोनों से जुड़े रहते हैं, और RC या लाइसेंस रिन्यू कराते, मालिकाना बदलते, NOC लेते या फ़िटनेस कराते वक़्त सामने आ जाते हैं। बहुत देर हो जाए तो मामला धारा 174 के तहत मजिस्ट्रेट के पास जाता है, जहाँ समन आ सकता है।
क्या चालान कम या माफ़ हो सकता है?
साल में कुछ बार राष्ट्रीय लोक अदालत लगती है, जो लंबित ट्रैफ़िक मामले एक ही बैठक में निपटाती है, अक्सर कम रक़म पर। कितना कम होगा यह जज तय करते हैं और अपराध पर निर्भर करता है — इसलिए पहले से कोई पक्का आँकड़ा बताने वाले पर भरोसा मत कीजिए।
क्या ट्रैफ़िक पुलिस मौक़े पर नक़द ले सकती है?
अधिकारी मौक़े पर मामला निपटा सकते हैं, पर उसकी रसीद या e-challan पर्ची आपका हक़ है। अगर पैसे माँगे जा रहे हों और बदले में कुछ न दिया जा रहा हो — सवाल वहीं उठाइए। जायज़ चालान हमेशा एक रिकॉर्ड छोड़ता है जिसे आप बाद में ख़ुद देख सकते हैं।
चालान मेरा है ही नहीं, तो क्या करें?
भरने के बजाय चुनौती दीजिए — भर देना अपराध मान लेने जैसा माना जाता है। दो मामले सबसे आम हैं: नंबर प्लेट ग़लत पढ़ी गई, या गाड़ी बिक चुकी है और चालान पुराने नाम पर बना है। दोनों उसी वर्चुअल कोर्ट में या चालान जारी करने वाली ट्रैफ़िक पुलिस के सामने रखे जाते हैं।